क्यू..??

जानकर भी क्यू यू अंजान बनते हो
हमे तडपता छोड यू महफिल से चले जाते हो
आंखोसे सब कुछ बोल जाते हो,
बिखरे हुये हमारे दिल को,क्यू समेंटना चाहते हो
भुला नही सकेंगे हम ,क्यू वो यादे दे रहे हो
आज हम साथ ही सही,,मगर कल कहा ,,?
ये जानकर भी क्यू पास आ रहे हो.
भंवर में है कशती  हमारी,,क्यू आप साहिल बनना चाहते हो.
हम खामोश हैं  ऐसे ही हमे रहने दो,
बुझ गये है ख्वाब सभी,बस अब नया ख्वाब ना दिखावो,
अश्को का क्या है,,उन्हे यू हि बहने दो...!!!!

----------संगीता..

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